नई शिक्षा नीति 2020 क्या है ? | New Education Policy 2020 in hindi

New Education Policy 2020 in hindi शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार और शिक्षा को चारदीवारी से बाहर निकाल कर  बच्चों के समग्र विकास के उद्देश्य से 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की गई है | इस योजना में बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा शिक्षा को उनके लिए रुचिकर बनाने का लक्ष्य रखा गया है |

New Education Policy 2020 in hindi
New education policy 2020

शिक्षा पर पिछली नीतियां

शिक्षा पर पिछली नीतियों का जोर मुख्य रूप से शिक्षा तक पहुँच के मुद्दों पर था। 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति, जिसे 1992 (एनपीई 1986/92) में संशोधित किया गया था, के अधूरे काम को इस नीति के द्वारा पूरा करने का भरपूर प्रयास किया गया है। 1986/92 की पिछली नीति के बाद से एक बड़ा कदम निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 रहा है जिसने सार्वभौमिक प्रारंभिक शिक्षा सुलभ कराने हेतु कानूनी आधार उपलब्ध करवाया।

5+3+3+4 के नए डिजाईन में स्कूल पाठ्यक्रम और शिक्षण शास्त्र को पुनर्गठित करना

स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे को पुनर्गठित किया जाएगा ताकि 3-8, 8-11, 11-14 और 14-18 की उम्र के विभिन्न पड़ावों पर विद्यार्थियों के विकास की अलग-अलग अवस्थाओं के मुताबिक उनकी रुचियों और विकास की ज़रूरतों पर समुचित ध्यान दिया जा सके। इसलिए स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे और पाठ्यक्रम रूपरेखा एक 5+3+3+4 डिजाइन से मार्गदर्शित होगी, जिसके तहत क्रमश: फाउंडेशनल स्टेज( दो भागों में अर्थात् आंगनवाड़ी/ प्री-स्कूल के 3 साल+प्राथमिक स्कूल में कक्षा 1-2 में 2 साल, 3 से 8 वर्ष के बच्चों सहित), प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5, 8 से 11 वर्ष के बच्चों सहित), मिडिल स्कूल स्टेज (कक्षा 6-8 11 से 14 वर्ष के बच्चों सहित), और सेकेंडरी स्टेज (कक्षा 9 से 12, दो फेज में, यानी पहले फेज में 9 और 10 और दूसरे में 11 और 12, 14 से 18 वर्ष के बच्चों सहित) शामिल होगी।

नई शिक्षा नीति में 5+3+3+4 पद्धित पर  शैक्षणिक संरचना को निर्धारित  किया गया है जिसमे  3 से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को शामिल किया गया  है। 5+3+3+4 पद्धित का अर्थ है :

फाउंडेशन स्टेज के तहत नई शिक्षा नीति के फाउंडेशन स्टेज में 3 से 8 साल तक के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा।
मिडिल स्टेज में छठवीं से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा।
प्रीपेटरी स्टेज में 8 से 11 साल के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा।
सेकेंडरी स्टेज में आठवीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को सम्मिलित किया गया।

  • 5 वर्ष की बुनियादी शिक्षा (3 वर्ष की प्री-प्राथमिक शिक्षा और वर्ग 1 व  2 )
  • 3 वर्ष का प्रीपेट्रेरी स्तर (वर्ग 3 से 5)
  • 3 वर्ष का मध्य (या उच्च प्राथमिक) स्तर (वर्ग  6 से  8 ) और,
  • 4 वर्ष का उच (सेकेंडरी ) स्तर (वर्ग  9 से  12 ).

कक्षा-5 तक की शिक्षा में मातृभाषा/स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को ही  अध्ययन के माध्यम के रूप में अपनाने पर बल दिया गया है | साथ ही  सूचना तकनीक (IT) के माध्यम से बच्चों को डिजिटल शिक्षा भी दी जाएगी  | इसके लिए  स्कूलों में आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए वित्त्पोषण का भी  प्रावधान है | विद्यालयों में सभी स्तरों पर छात्रों को बागवानी, नियमित रूप से खेल-कूद, योग, नृत्य व कलाओं  का ज्ञान  प्रदान करने का प्रयत्न किया जाएगा ताकि बच्चे शिक्षित के साथ साथ स्वस्थ भी रह  सकें। NCERT के  द्वारा स्कूली शिक्षा के लिये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा  तैयार की जाएगी । इस नीति की एक अहम विशेषता यह है कि वर्ष 2030 तक अध्यापन के लिये न्यूनतम डिग्री योग्यता 4-वर्षीय एकीकृत बी.एड. डिग्री का होना अनिवार्य कर दिया  जाएगा । ध्यातव्य है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत  एम.फिल. (Master of Philosophy) के कोर्स  को समाप्त कर दिया गया है 

New Education Policy (NEP) 5+3+3+4 Structure

  • नई शिक्षा नीति स्वतंत्र भारत के तीसरी शिक्षा नीति है जिसमें बुनियादी तौर पर बदलाव किए गए हैं।
  • नई शिक्षा नीति के तहत शैक्षिक क्षेत्र को तकनीकी से भी जोड़ा जाएगा जिसमें सभी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा डिजिटल एक्यूमेंट दिए जाएंगे।
  • मानव जीवन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है।
  • नई शिक्षा नीति में सभी प्रकार की शैक्षिक विषय वस्तु को प्रमुखता उस क्षेत्र की क्षेत्रीय भाषा में भी ट्रांसलेट किया जाएगा जिससे शैक्षिक क्षेत्र में क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिल सके ।
  • छठवीं कक्षा से बच्चों को व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप दे दी जाएगी।
  • नई शिक्षा नीति के भीतर अब पढ़ाई में कई प्रकार के अन्य विकल्प बच्चों को दिए जाएंगे। अब दसवीं कक्षा में अन्य विकल्पों को भी रखा जाएगा जिसमें छात्र कोई स्ट्रीम ना चुनकर अपनी इच्छा अनुसार विषयों को चुन सकेगा।
  • नई शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्रों को छठवीं कक्षा से ही कोडिंग सिखाई जाएगी।
  • शैक्षिक क्षेत्र में वर्चुअल लैब को भी बनाया जाएगा जिससे शैक्षिक क्षेत्रों की गुणवत्ता को उच्च किया जा सके।
  • नई शिक्षा नीति के तहत वर्षों से चली आ रही 10 + 2 के शैक्षिक पैटर्न को बदलकर 5+3+3+4 के नए शैक्षिक पैटर्न को चुना गया है जिसमें 3 साल की फ्री New Education Policy PDF (NEP) नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 – नई शिक्षा नीति | National education policy स्कूली शिक्षा बच्चों को दी जाएगी।
  • नई शिक्षा नीति के भीतर शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा जिसमें कुछ शैक्षिक क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया है जैसे मेडिकल तथा लाॅ।
National Education Policy 2020 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi

नई शिक्षा नीति 2020 के मुख्य तथ्य

  • नई शिक्षा नीति के माध्यम से एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का गठन किया जाएगा जिसमें छात्रों द्वारा परीक्षा में प्राप्त किए गए क्रेडिट को डिजिटल अकैडमी क्रेडिट बनाया जाएगा और विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से इन क्रेडिट को संग्रहित कर छात्र के अंतिम वर्ष की डिग्री में स्थानांतरित करके सभी क्रेडिट को एक साथ जोड़ा जाएगा।
  • नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 के अंतर्गत शैक्षिक पाठ्यक्रम को लचीला बनाए जाने की हर संभव कोशिश की जा रही है । यदि कोई छात्र किसी शैक्षिक कोर्स में रुझान ना रखने के कारण उस शैक्षिक कोर्स के बीच में दूसरा कोर्स पढ़ना चाहता है तो वह अपने पहले कोर्स से निश्चित समय अवधि तक रुक कर दूसरा कोर्स ज्वाइन कर सकता है।
  • नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थान का निर्माण किया जाना नई शिक्षा नीति के भीतर सम्मिलित है।
  • नई शिक्षा नीति के भीतर 2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहू विषयक शैक्षिक पाठ्यक्रम संस्थान बनाने का उद्देश्य रखा गया है।
  • नई शिक्षा नीति के भीतर स्नातक कोर्स को 3 से 4 साल तक बढ़ा जा सकता है जिसमें छात्रों को बहु विकल्प प्रदान किए जाएंगे। इन सभी बहु विकल्पों के उचित प्रमाण पत्र के अनुसार छात्रों को डिग्री दी जाएगी। उदाहरण यदि कोई छात्र 1 साल के लिए स्नातक कोर्स की पढ़ाई करता है तो उसे केवल एक साल की पढ़ाई का ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा और 2 साल बाद उसे एडवांस डिप्लोमा का प्रमाण पत्र दिया जाएगा और 3 साल बाद उचित प्रमाणों के आधार पर उसे डिग्री दी जाएगी अंत में 4 साल के बाद छात्र को बैचलर डिग्री के साथ-साथ रिसर्च की डिग्री भी दी जाएगी।
  • राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी सभी उच्च शिक्षा संस्थानों मैं छात्रों के प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा को आयोजित करेगी जिससे शिक्षा का स्तर बनाया जा सके।
  • नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी तथा प्राइवेट संस्थानों को एक समान माना जाएगा।‌
  • नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय उच्च शिक्षा आयोग को 4 वर्टिकल दिए गए हैं । जिसमें नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी काउंसिल , हायर एजुकेशनल काउंसिल , जर्नल एजुकेशन काउंसिल तथा नेशनल एक्रीडिटेशन काउंसिल को रखा गया है।
  • ई-लर्निंग पर जोर देना ताकि किताबों पर निर्भरता कम हो सके।
  • नई शिक्षा नीति के माध्यम से दिव्यांग जनों के लिए शैक्षिक पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है।

नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण कदम

  • नई शिक्षा नीति को सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षकों की भर्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत क्षेत्र तथा मातृ भाषाओं की पढ़ाई को भी सम्मिलित किया गया है जिसके शिक्षकों की कमी चल रही शैक्षिक पाठ्यक्रम के भीतर है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले शिक्षकों को भर्ती किया जाएगा।
    • माध्यमिक स्तर से ही बच्चों के पास होंगे विदेशी भाषा के कई विकल्प
    • मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा को सम्मिलित किया जाएगा शैक्षिक पाठ्यक्रम में
    • वोकेशनल पढ़ाई पर मुख्य जोर
    • नए कौशलों को सम्मिलित किया जाएगा शैक्षिक पाठ्यक्रम में
    • नई शिक्षा नीति के स्ट्रीम्स 2020

नेशनल एजुकेशन पालिसी के तहत छात्रों के पाठ्यक्रम में जो-जो बदलाव किये गए जैसे- शारारिक शिक्षा व पाठ्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा इसके साथ एकेडमिक स्ट्रीम और वोकेशनल को बांटा नहीं जाएगा। नयी शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों की की शिक्षा का स्तर को और छात्रों की शैक्षिक क्षमता को बढ़ाना है। इसके साथ अन्य पाठ्यक्रमों को भी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत शामिल किया गया है। नई शिक्षा नीति के स्ट्रीम्स की अधिक जानकारी लेख में नीचे दी जा रही है। सभी जानकारियों को उम्मीदवार नीचे दिए गए लेख से प्राप्त कर सकते हैं।

National Education Policy 2020 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi
स्ट्रीम्स का चयन

नई शिक्षा नीति के तहत के तहत अब छात्र साइंस स्ट्रीम, कॉमर्स स्ट्रीम और आर्ट्स स्ट्रीम में से तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई कर सकते हैं अब छात्रों को एक स्ट्रीम का चयन नहीं करना पड़ेगा जिस छात्र का जिस स्ट्रीम में रूचि है वे उसकी पढ़ाई कर सकते हैं। इससे छात्रों को एक स्ट्रीम की पढ़ाई के साथ बाकी स्ट्रीमों की पढ़ाई भी कर सकते हैं।

शिक्षा के लिए मातृभाषा का प्रयोग

स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक द्वारा क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग होना चाहिए इसके माध्यम से छात्रों को समझने में आसानी होगी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से सरकार ने निर्णय लिया की पांचवीं तक के छात्रों की पढ़ाई उनके मातृभाषा में होनी चाहिए। छात्रों को समझने में आसानी हो इसके लिए पाठ्यक्रम को भी क्षेत्रीय भाषा में बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

B.Ed अब 4 साल का किया जाएगा

नेशनल एजुकेशन पालिसी के तहत B.Ed. को 2030 तक 4 साल का कर दिया जाएगा। जिन विश्वविद्यालयों द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया जाएगा सरकार द्वारा उन पर कारवाई की जायेगी। और इसके साथ ऐसे विश्वविद्यालयों से कोर्स करने करने वाले छात्रों को प्राप्त डिग्री मान्य नहीं मानी जायेगी

वोकेशनल स्टडीज की शुरुआत

सरकार द्वारा बताया जा रहा है की 2025 तक देश के 50 प्रतिशत छात्रों को वोकेशनल स्टडी करवाई जायेगी। ऐसे बहुत कम छात्र हैं जो वोकेशनल स्टडी करना चाहते हैं। परन्तु इसे अधिक से अधिक छात्रों को प्रदान किया जाएगा। जिसमे ज्यादा ध्यान कक्षा छटवीं से कक्षा आठवीं के छात्रों को रखा जाएगा। और इसके अंतर्गत लकड़ी का काम, बागबानी, मिट्टी के बर्तन बनाने का काम आदि भी रखा जाएगा।

टीचरों की भर्ती

शिक्षकों की ज्यादा से ज्यादा भर्ती के लिए भी शिक्षा निति द्वारा बदलाव किया गया है जिसमे अलग-अलग भाषा के लिए शिक्षकों की भर्ती करवाई जायेगी। जिस शिक्षकों का रिटायरमेंट हो चुका है उन टीचरों को भी पुनः पढ़ाने का मौका प्रदान किया जा सकता हैं। जिससे शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार की प्राप्ति भी करवाई जायेगी।

कोरोना के कारण कम किया गया पाठ्यक्रम

कोरोना वायरस के चलते पढ़ाई में छात्रों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इन परेशानियों को देखते हुई छात्रों के लिए 30% सिलेबस को कम कर दिया गया है। छात्रों को परीक्षा में कम किये गए पाठ्यक्रम में से ही प्रश्न पूछे जाएंगे।

National Education Policy 2020 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 क्या है ?

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 को शिक्षा नीति 1986 की जगह पर लागू किया गया है। नई एजुकेशन पालिसी 2020 में 3 साल से 18 साल तक के बच्चों को शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के तहत रखा गया है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत 2030 तक नई शैक्षिक प्रणाली को निश्चित किया गया है और वर्तमान में चल रही 10+2 के मॉडल के स्थान पर पाठ्यक्रम में 5+3+3+4 की शैक्षिक प्रणाली के आधार पर पाठ्यक्रम को विभाजित किया जाएगा। इस नीति का विजन सभी छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करना है।

National Education Policy 2020 in hindi | New Education Policy 2020 in hindi
नई शिक्षा नीति 2020 कब लागू होगी ?

National Education Policy 2020 कब लागू होगी इस बारे में सरकार ने कोई भी अधिकारी बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सरकार द्वारा अधिसूचित होने के बाद नई शिक्षा नीति 2020 लागू हो जाएगी।

National Education Policy 2020 के चार चरण क्या हैं ?

फाउंडेशन स्टेज,प्रीपेटरी स्टेज,मिडिल स्टेज,सेकेंडरी स्टेज नई शिक्षा नीति 2020 चार चरण क्या है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की हिंदी PDF कैसे डाउनलोड करें ?

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 की हिंदी पीडीऍफ़ को उम्मीदवार आर्टिकल में दिए गए लिंक के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं।

नई शिक्षा नीति में किये गए बदलाव क्या-क्या हैं ?

शैक्षिक पाठ्यक्रम में नए कौशलों को सम्मिलित किया जाएगा, वोकेशनल पढ़ाई पर मुख्य जोर दिया जाएगा, विदेशी भाषा सिखाई जाने पर भी जोर, मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा प्राप्त, आदि बदलाव किये जाते हैं

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 के चरण कौन-कौन से हैं ?

फाउंडेशन स्टेज के तहत नई शिक्षा नीति के फाउंडेशन स्टेज में 3 से 8 साल तक के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा।
मिडिल स्टेज में छठवीं से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा।
प्रीपेटरी स्टेज में 8 से 11 साल के बच्चों को सम्मिलित किया जाएगा।
सेकेंडरी स्टेज में आठवीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को सम्मिलित किया गया।

क्या छात्र तीनों स्ट्रीमों की पढ़ाई कर सकते हैं ?

हाँ, नई शिक्षा नीति के तहत छात्र तीन स्ट्रीम साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स में से तीनों की पढ़ाई कर सकते हैं।

कोरोना के चलते शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों के कितने प्रतिशत सिलेबस को कम कर दिया गया है ?

विभाग द्वारा छात्रों के 30 प्रतिशत सिलेबस को कम कर दिया गया है।

हायर एजूकेशन में NEP लागू करने वाला पहला राज्य कौन है ?

हायर एजुकेशन में NEP लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड है अब नई शिक्षा नीति के अनुसार स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा में एडमिशन मिलेगा।

National Education Policy 2020 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi
National Education Policy 2020 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi
National Education Policy 2020 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi
National Education Policy 2022 in hindi | नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020: नई शिक्षा नीति NEP| New Education Policy 2020 in hindi

Similar Posts