How to Write Letter in Hindi | हिंदी में पत्र कैसे लिखें

यदि आप हिंदी में पत्र लिखना सीखना चाहते हैं, तो हमारे विस्तृत निर्देश (How to Write Letter in Hindi ) द्वारा आपको कैसे पत्र लिखें इसकी जानकारी मिलेगी। हिंदी में पत्र लेखन के तरीके, उदाहरण और महत्वपूर्ण टिप्स के लिए इस आर्टिकल को पढ़ें।

How to Write Letter in Hindi | हिंदी में पत्र कैसे लिखें

What Is Letter Writing? पत्र लेखन क्या है

पत्र लेखन एक कला है जिसमें हम लिखित रूप से अपने विचारों, भावनाओं, संदेशों और सूचनाओं को दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाते हैं। पत्र लेखन के माध्यम से हम उन व्यक्तियों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं जिनसे हमारी सीधी बातचीत या मुलाकात नहीं हो सकती। यह एक महत्वपूर्ण संचार कौशल है जो हमें संपर्क बनाए रखने, अपनी सोच व्यक्त करने और अपने विचारों को साझा करने की सुविधा प्रदान करता है।

पत्र लेखन अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जैसे निजी पत्र, व्यापारिक पत्र, अधिकारिक पत्र, प्रार्थना पत्र, और औपचारिक पत्र आदि। यह विचारों, भावनाओं, अनुरोधों, शिकायतों, आदेशों, निर्देशों, और सूचनाओं को साझा करने का माध्यम होता है।

How to Write Letter in Hindi | पत्र लेखन करें
How to Write Letter in Hindi

पत्र लेखन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें हमें सुनिश्चित करना पड़ता है कि हमारे शब्द स्पष्ट, संयोजित और प्रभावी हों। हमें सही भाषा, व्याकरण, वर्तनी और अक्षरशास्त्र के नियमों का पालन करना चाहिए ताकि हमारे पत्र का पाठक द्वारा समझना और प्राप्त करना आसान हो। (How to Write Letter in Hindi)-हिंदी में पत्र कैसे लिखें

पत्र लेखन के द्वारा हम व्यक्तिगत और सामाजिक संबंधों को बनाए रख सकते हैं, अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं, सुझाव और समाधान प्रदान कर सकते हैं, नये संबंध बना सकते हैं और ज्ञान, अनुभव और सूचनाएं साझा कर सकते हैं। पत्र लेखन एक माध्यम है जो हमें संपर्क बनाए रखने और अपने समय के अनुसार विचारों को समय-संगत ढंग से व्यक्त करने की सुविधा प्रदान करता है।

पत्रों के विभिन्न प्रकार (Types of Letter Writing):

पत्र लेखन दो प्रकार के होते हैं:

  1. औपचारिक पत्र (Formal Letter)
  2. अनौपचारिक पत्र (Informal Letter)

औपचारिक पत्र (Formal Letter) के विभिन्न प्रकार:

  1. प्रार्थना पत्र (Request Letter):
    • यह पत्र किसी सरकारी विभाग, संगठन, अधिकारी, विद्यालय या किसी अन्य संगठन को कुछ मांग करने के लिए लिखा जाता है। इसमें व्यक्ति या संगठन से कोई सुविधा, अनुदान, अवकाश, परमिशन आदि के लिए अनुरोध किया जाता है।
  2. शिकायत पत्र (Complaint Letter):
    • यह पत्र किसी अधिकारी या संगठन को किसी गलती, अनुचित व्यवहार, आपत्तिजनक स्थिति या किसी अन्य विषय पर शिकायत करने के लिए लिखा जाता है। इसमें समस्या का स्पष्टीकरण, परिणाम या समाधान का अनुरोध किया जाता है।
  3. प्रार्थना पत्र (Application Letter):
    • यह पत्र किसी सरकारी नौकरी, अध्ययन संस्थान, बैंक, कंपनी या अन्य संगठन में आवेदन करने के लिए लिखा जाता है। इसमें व्यक्ति अपनी योग्यता, अनुभव, आवश्यक दस्तावेज़, नौकरी पद का चयन, प्रवेश या अन्य विषय में आवेदन करता है।

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औपचारिक पत्र का फॉर्मेट

Formal Letter in Hindi के फॉर्मेट के निम्नलिखित 9 अंग होते हैं, जैसे-

  1. ‘सेवा में’ लिख कर, पत्र प्रापक का पदनाम तथा पता लिख कर पत्र की शुरुआत करें।
  2. विषय – जिसके बारे में पत्र लिखा जा रहा है, उसे केवल एक ही वाक्य में शब्द-संकेतों में लिखें।
  3. संबोधन – जिसे पत्र लिखा जा रहा है- महोदय/महोदया, माननीय आदि शिष्टाचारपूर्ण शब्दों का प्रयोग करें।
  4. विषय-वस्तु– इसे दो अनुच्छेदों में लिखना चाहिए-
  5. पहला अनुच्छेद – “सविनय निवेदन यह है कि” से वाक्य आरंभ करना चाहिए, फिर अपनी समस्या के बारे में लिखें।
  6. दूसरा अनुच्छेद – “आपसे विनम्र निवेदन है कि” लिख कर आप उनसे क्या अपेक्षा (उम्मीद) रखते हैं, उसे लिखें।
  7. हस्ताक्षर व नाम– धन्यवाद या कष्ट के लिए क्षमा जैसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए और अंत में भवदीय, भवदीया, प्रार्थी लिखकर अपने हस्ताक्षर करें तथा उसके नीचे अपना नाम लिखें।
  8. प्रेषक का पता– शहर का मुहल्ला/इलाका, शहर, पिनकोड आदि।
  9. दिनांक

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अनौपचारिक पत्र (Informal Letter) के विभिन्न प्रकार:

  1. मित्र को पत्र (Letter to a Friend): यह पत्र आपके मित्र के पास भेजा जाता है और उसके साथ व्यक्तिगत अनुभव, साझा करने के लिए लिखा जाता है। इसमें दोस्ती, परिवार, स्कूल जीवन, यात्रा, खुशी, दुःख, समय-सारणी, आमंत्रण आदि के विषयों पर बातचीत की जाती है।
  2. परिवार के सदस्य को पत्र (Letter to a Family Member): यह पत्र अपने परिवार के सदस्य को लिखा जाता है और परिवारिक विषयों, समाचार, आपसी संबंधों और समय-सारणी से संबंधित चर्चा के लिए उपयोग होता है।
  3. शुभकामना पत्र (Congratulations Letter): यह पत्र किसी को कोई शुभकामना, बधाई या पुरस्कार देने के लिए लिखा जाता है। इसमें किसी विशेष उपलब्धि, सफलता, उत्तरोत्तर परिणाम, जन्मदिन, साक्षात्कार, नए पद की नियुक्ति, विवाह आदि पर बधाई दी जाती है।

अन्य पत्र लेखन के प्रकार

पत्रों के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  1. निजी पत्र (Personal Letter):
    • ये पत्र व्यक्तिगत स्तर पर होते हैं और दो व्यक्तियों के बीच संवाद का माध्यम होते हैं। इसमें दोस्तों, परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों या अन्य प्रियजनों को पत्र लिखा जाता है।
  2. व्यापारिक पत्र (Business Letter):
    • ये पत्र व्यापारिक और आर्थिक उद्देश्यों के लिए लिखे जाते हैं। इसमें कंपनियों, संगठनों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, आपूर्ति श्रृंखला, सेवा प्रदाताओं, बैंकों आदि को पत्र लिखा जाता है।
  3. अधिकारिक पत्र (Official Letter):
    • ये पत्र सरकारी और अधिकारिक संस्थाओं, विभागों, संगठनों, विद्यालयों, कार्यालयों, मुख्यालयों आदि के बीच संवाद का माध्यम होते हैं। इसमें अधिकारिक मुद्दों, शिकायतों, अनुरोधों, सूचनाओं, अधिसूचनाओं, और अन्य संबंधित मुद्दों पर पत्र लिखा जाता है।
  4. प्रार्थना पत्र (Application Letter):
    • ये पत्र किसी व्यक्ति या संगठन से कोई अनुरोध करने के लिए लिखे जाते हैं। ये नौकरी आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, छुट्टी के लिए अनुरोध पत्र, अनुदान के लिए आवेदन पत्र, प्रार्थना पत्र आदि हो सकते हैं।
  5. औपचारिक पत्र (Formal Letter):
    • ये पत्र विभिन्न औपचारिक और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए लिखे जाते हैं। इसमें सरकारी विभागों, अधिकारियों, संगठनों, विद्यालयों, कंपनियों आदि को पत्र लिखा जाता है जैसे शिकायत पत्र, अनुसंधान पत्र, प्रश्न पत्र, सुझाव पत्र, शिकायत पत्र, आदेश पत्र, आपत्तिपूर्ण पत्र आदि।

ये थे कुछ प्रमुख पत्र लेखन के प्रकार और उनकी संरचना। यहां दिए गए प्रारूप और प्रकार आपको अधिकारिक और पाठ्यक्रमिक संदर्भ के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए आपको विशेष दिशा-निर्देशों और उदाहरणों का पालन करना चाहिए।

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पत्र लेखन की संरचना (Structure of Letter Writing):

पत्र लेखन की संरचना मुख्य रूप से तीन अंगों से मिलकर बनती है – पता और तिथि (Address and Date), प्रारंभिक भाग (Salutation or Greeting), शरीर (Body of the Letter), अंतिम भाग (Closing or Conclusion), और अंतिम में सम्बोधन या अंतिम शब्द (Subscription or Final Words)। नीचे दिए गए हैं इन अंगों की विस्तृत जानकारी:

  1. पता और तिथि (Address and Date):
    • पत्र के पहले अंग में, आपका पता और तिथि लिखनी चाहिए। यह पत्र लेखक का पता होता है जिसे आप भेज रहे हैं। अपने पते के बाद अल्पविराम (,) लगाएं और फिर नगर या प्रदेश का नाम लिखें। नगर या प्रदेश के नाम के बाद पूर्णविराम (.) डालें। उसके नीचे, आप तिथि लिखें जो कि पत्र लिखने की वर्तमान दिनांक होती है। पता और तिथि पत्र के दायें ओर या दाहिने कोने में लिखे जा सकते हैं।
  2. प्रारंभिक भाग (Salutation or Greeting):
    • पत्र के दूसरे अंग में, आपको पत्र में सम्बोधित करना होता है। यह सम्बोधन व्यक्ति के नाम पर निर्भर करता है जिसे आप पत्र लिख रहे हैं। विभिन्न सम्बोधनों के उदाहरण हैं: “प्रिय”, “प्रिय श्री”, “माननीय”, “सभ्य”, “आदरणीय”, “प्रिय दोस्त” आदि। सम्बोधन के बाद, आपको एक अल्पविराम (,) डालना चाहिए।
  3. शरीर (Body of the Letter):
    • पत्र का मुख्य भाग शरीर होता है, जिसमें आप अपने विचार, संदेश, भावनाएं और सूचनाएं लिखते हैं। यहां आपको एक अनुभाग द्वारा आपके विषय को विस्तार से बयान करना चाहिए। आपके पत्र के शरीर में संबंधित जानकारी, विचार, प्रस्ताव, विचारों की प्रतिक्रिया, समस्या के समाधान, विशेष टिप्स या सुझाव, किसी विषय पर विचार-विमर्श, विशेष समारोहों के लिए निमंत्रण आदि शामिल हो सकते हैं।
  4. अंतिम भाग (Closing or Conclusion):
    • पत्र के अंतिम भाग में, आपको अपना पत्र समाप्त करना होता है। यहां आपको धन्यवाद, आशीर्वाद, शुभकामनाएं, शुभेच्छाएं आदि शामिल करनी चाहिए। अंतिम भाग में आप अपना नाम लिख सकते हैं जिससे पत्र प्राप्तकर्ता आपको पहचान सके।
  5. अंतिम में सम्बोधन या अंतिम शब्द (Subscription or Final Words):
    • पत्र के अंतिम में, आपको अपनी सम्पर्क जानकारी और सम्बोधन लिखना होता है। यह आपके नाम के बाद लिखा जाता है और एक अल्पविराम (,) द्वारा अलग होता है।

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यहां हिंदी में पत्र लिखने के लिए कुछ टिप्स हैं:

  1. पत्र के शीर्षक और पता (Letterhead and Address):
    • अपने पत्र में शीर्षक और अपना पता शामिल करें। शीर्षक को संक्षेप में और पता को पूरा लिखें।
  2. प्रारंभिक बधाई या नमस्कार (Greeting):
    • पत्र की शुरुआत कोई उचित बधाई या नमस्कार से करें। इसे व्यक्तिगत या अनूठा बनाने के लिए अपनी आवश्यकताओं और संबंध के आधार पर चुनें।
  3. विषय (Subject):
    • अपने पत्र में एक विषय दर्ज करें, जो आपके पत्र के मुख्य विषय को संक्षेप में व्यक्त करता है।
  4. प्रयोजन (Purpose):
    • अपने पत्र में स्पष्ट रूप से अपने प्रयोजन को व्यक्त करें। क्या कारण है जिसके लिए आप यह पत्र लिख रहे हैं, और क्या आप चाहते हैं कि पाठक करें या करें न करें, इसे स्पष्ट करें।
  5. मुख्य भाग (Main Body):
    • पत्र के मुख्य भाग में अपने विचारों, ज्ञानार्जन या आपत्तियों को संक्षेप में लिखें। वाक्य और वाक्यांश को स्पष्ट और सुगमता के साथ व्यक्त करने के लिए सुनिश्चित करें।
  6. आवश्यक सूचना (Relevant Information):
    • यदि आपको पत्र में किसी आवश्यक सूचना की आवश्यकता हो, जैसे तारीख, समय, स्थान, या किसी अन्य विवरण की जानकारी, तो उसे संलग्न करें।
  7. संपादन और समाप्ति (Editing and Conclusion):
    • अपने पत्र को संपादित करें और स्पष्टता, व्यावहारिकता, और व्याकरण की त्रुटियों के लिए देखें। पत्र को ध्यान से पढ़ें और समाप्ति बधाई या आग्रह के साथ करें।
  8. अद्यतन और नामांकन (Date and Signature):
    • पत्र में तारीख और अपना नामांकन शामिल करें। यह आपके पत्र को आधिकारिकता और प्रामाणिकता प्रदान करता है।

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याद रखने योग्य बातें-(How to Write Letter in Hindi)

औपचारिक पत्र लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें इस प्रकार हैं:

  • औपचारिक-पत्र नियमों में बंधे हुए होते हैं।
  • इस प्रकार के पत्रों में भाषा का प्रयोग ध्यानपूर्वक किया जाता है। इसमें अनावश्यक बातों (कुशल-मंगल समाचार आदि) का उल्लेख नहीं किया जाता।
  • पत्र का आरंभ व अंत प्रभावशाली होना चाहिए।
  • पत्र की भाषा-सरल, लेख-स्पष्ट व सुंदर होना चाहिए।
  • यदि आप कक्षा अथवा परीक्षा भवन से पत्र लिख रहे हैं, तो कक्षा अथवा परीक्षा भवन (अपने पता के स्थान पर) तथा क० ख० ग० (अपने नाम के स्थान पर) लिखना चाहिए।
  • पत्र पृष्ठ के बाई ओर से हाशिए (Margin Line) के साथ मिलाकर लिखें।
  • पत्र को एक पृष्ठ में ही लिखने का प्रयास करना चाहिए ताकि तारतम्यता/लयबद्धता बनी रहे।
  • प्रधानाचार्य को पत्र लिखते समय प्रेषक के स्थान पर अपना नाम, कक्षा व दिनांक लिखना चाहिए।

ध्यान दें, पत्र लिखने के लिए हमेशा संवेदनशीलता और अनुभव का उपयोग करें। अपने भाषा का उपयोग करके अपने विचारों को स्पष्ट और सुगमता के साथ व्यक्त करें।(How to Write Letter in Hindi)

(How to Write Letter in Hindi)

Examples of Letter-(How to Write Letter in Hindi)

  • शुभकामना पत्र (Letters of Greetings):
  • प्रिय विद्यार्थी शुभकामनाएँ (Dear Student, Greetings)
  • प्रिय दोस्त को शुभकामनाएँ (Dear Friend, Best Wishes)
  • बधाई पत्र (Letters of Congratulations):
  • पदक संबंधी बधाई पत्र (Letter of Congratulations on Achievement)
  • विवाह संबंधी बधाई पत्र (Letter of Congratulations on Marriage)
  • खेद प्रकट करने के लिए पत्र (Letters of Regret):
  • पाठ्यक्रम में शामिल न होने के लिए खेद प्रकट करने के पत्र (Letter of Regret for Not Being Able to Attend a Course)
  • सम्वेदना प्रकट करने के पत्र (Letters of Condolence):
  • शोक संबंधी सम्वेदना पत्र (Letter of Condolence on Bereavement)
  • धन्यवाद के लिए पत्र (Letters of Thanks):
  • आपके सहायता के लिए धन्यवाद पत्र (Letter of Thanks for Your Assistance)
  • स्नेह पत्र (Love Letters):
  • प्यार व्यक्त करने के लिए पत्र (Love Letter to Express Affection)
  • आमंत्रण पत्र (Invitation Letters):
  • विवाह समारोह के लिए आमंत्रण पत्र (Invitation Letter for Wedding Ceremony)
  • पारिवारिक पत्र (Family Letter):
  • परिवार के सदस्यों को लिखे पत्र (Letter to Family Members)
  • नौकरी हेतु प्राथना पत्र (Job Applications):
  • नौकरी के लिए आवेदन पत्र (Job Application Letter)
  • शिकायत पत्र (Complaint Letters):
  • ग्राहक सेवा को शिकायत पत्र (Letter of Complaint to Customer Service)
  • क्षमा याचना के लिए पत्र (Apology Letters):
  • गलती के लिए क्षमा याचना पत्र (Letter of Apology for Mistake)

(How to Write Letter in Hindi)

शुभकामना पत्र (Letters of Greetings):-(How to Write Letter in Hindi)

प्रिय मित्र,

स्वागत करते हैं आपका इस पत्र के माध्यम से। मैं आपको अपनी शुभकामनाएं देने के लिए यहाँ हूँ। यह पत्र मेरी ओर से आपके जीवन की खुशियों और समृद्धि के लिए वारंवार होने के लिए है।

मित्र, आपके जीवन में नए दिन आने वाले हैं और मैं यह सोचकर उत्साहित हूँ कि आप उनसे अच्छी तरह से निपटेंगे। मेरी आपसे विनम्र बिनती है कि आप अपने सपनों की पुरी करने के लिए मेहनत और संघर्ष करें, क्योंकि कठिनाइयों के बावजूद आप अपनी मनचाही मंजिल तक पहुंच सकते हैं।

मैं उम्मीद करता हूँ कि आप खुश और स्वस्थ होंगे और अपने कार्य में प्रगति करेंगे। यही मेरी शुभकामना है कि आप अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करें और खुश रहें। मैं आपकी सफलता की कामना करता हूँ और आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

अगले कुछ दिनों और सप्ताहों में, यह पत्र आपके पास उन्नति, खुशहाली और सफलता के साथ पहुंचने का भाग्यशाली आपको समय हो।

आपके साथ एक सफल भविष्य की कामना के साथ,

आपका दोस्त

(How to Write Letter in Hindi)

प्रिय विद्यार्थी शुभकामनाएँ (Dear Student, Greetings) –(How to Write Letter in Hindi)

प्रिय विद्यार्थी,

स्वागत करते हैं आपका इस पत्र के माध्यम से। मैं आपको अपनी शुभकामनाएँ देने के लिए यहाँ हूँ। यह पत्र मेरी ओर से आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ हैं।

मेरी ओर से आपको पहले से ही धन्यवाद देना चाहूंगा क्योंकि आप विद्यार्थी के रूप में नहीं सिर्फ अपने अध्ययन में प्रगति कर रहे हैं, बल्कि अपनी संघर्ष कर रहे हैं और आपके लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं। आपकी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता से, मैं विश्वास रखता हूँ कि आप आने वाले समय में बहुत सारी सफलताएं हासिल करेंगे।

आपकी शिक्षा की यात्रा अभी केवल शुरुआत है और आपके सामरिक में बहुत सारे मौके और अवसर आने वाले हैं। मेरा सिर्फ एक संदेश है कि आप अपने अध्ययन में प्रवीणता और समय-समय पर अभ्यास करने के महत्व को समझें। आपकी जिद्दी मेहनत और निरंतर प्रयास से, आप अपने अद्यापि अच्छे अंक हासिल करेंगे और एक उच्चतर शिक्षा के लिए आपके सपनों को पूरा करेंगे।

मैं आपकी सफलता की कामना करता हूँ और आपके जीवन में खुशियों, सफलताओं और उत्कृष्टता के लिए प्रार्थना करता हूँ। अपने अध्ययन के साथ-साथ, कृतज्ञता, सहयोग, और संगठनशक्ति के साथ अपना ब्राह्मण मुहूर्त प्राप्त करें और अपने जीवन की उच्चताओं को प्राप्त करें।

बेहतर भविष्य की कामना करते हुए,

आपका शिक्षक

(How to Write Letter in Hindi)

प्रिय दोस्त को शुभकामनाएँ (Dear Friend, Best Wishes)-(How to Write Letter in Hindi)

प्रिय दोस्त,

आपको इस पत्र के माध्यम से मेरी शुभकामनाएँ भेज रहा हूँ। मैं आपके साथ अपनी खुशियों को साझा करना चाहता हूँ और आपके जीवन के आगामी क्षणों के लिए शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ।

दोस्त, आप मेरे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और मैं आपकी सफलता की कामना करता हूँ। आप हमेशा मेरे साथ खुशहाली, मुसीबतों का सामना करने में मदद करते हैं और मुझे प्रेरणा देते हैं। आपका मित्रता और समर्थन मेरे लिए अनमोल हैं।

मैं उम्मीद करता हूँ कि आप हमेशा स्वस्थ और खुश रहेंगे और आपके सपनों को पूरा करने के लिए प्रगति करेंगे। आपके जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने की कामना करता हूँ। आप अपने मनोबल को मजबूत रखें, नई चुनौतियों का सामना करें और अपने सपनों की पूर्ति के लिए प्रेरित रहें।

आपके साथ अगले क्षणों में अनंत समृद्धि और खुशियों की बारिश होने की कामना करता हूँ। आपका जीवन हमेशा उज्ज्वल और खुशहाल रहे।

सदैव आपके दोस्त,

तुम्हारा प्यारा दोस्त

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पदक संबंधी बधाई पत्र (Letter of Congratulations on Achievement)-(How to Write Letter in Hindi)

प्रिय [नाम],

मेरी तरफ़ से आपको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! मुझे खुशी है कि मैं आपके उज्ज्वल सफलता के बारे में सुनने का सौभाग्य रहा। आपके पदक प्राप्ति की इस विशेष उपलब्धि पर आपको बधाई देता हूँ।

आपने अपने मेहनत, समर्पण और प्रयास के माध्यम से अद्वितीय उच्चताओं को हासिल किया है। आपके पदक न सिर्फ़ आपके योग्यता और कौशल का प्रमाण हैं, बल्कि यह आपकी संघर्ष के फलस्वरूप हैं। आपका परिश्रम, निष्ठा और समर्पण आपको इस महत्वपूर्ण मंच पर ले आए हैं और मुझे गर्व है कि मैं आपके साथ इस सफर में हूँ।

आपके पदक का प्राप्ति समय-समय पर दिए गए संघर्षों, परिश्रम और निरंतर प्रयास का परिणाम है। आपने विभिन्न माध्यमों में अपनी क्षमता को साबित किया है और अपने क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का साहस दिखाया है।

मैं आपके लिए सबसे अच्छी शुभकामनाएं भेजना चाहता हूँ और आपके आगामी योग्यता और सफलताओं के लिए आशीर्वाद देना चाहता हूँ। आपका पदक आपके उज्ज्वल भविष्य की प्रेरणा बनना चाहिए और आपको और भी अधिक उत्कृष्टता की ओर आग्रह करना चाहिए।

एक बार फिर से आपको बधाई देता हूँ और यह उम्मीद करता हूँ कि आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए नए और अद्वितीय प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेंगे।

शुभकामनाएँ और आशीर्वाद।

आपका वफादार,

[तुम्हारा नाम]

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